व्हाइट फंगस (Candidiasis) क्या है ? व्हाइट फंगस इन हिंदी  

Black Fungus के बाद अब White Fungus मिलने से हड़कंप, व्हाइट फंगस की चपेट में वे कोरोना मरीज आ रहे हैं, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। व्हाइट फंगस होने की वजह भी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता बताया गया।

व्हाइट फंगस (Candidiasis) क्या है ? White Fungus इन हिंदी। 

व्हाइट फंगस क्या है
व्हाइट फंगस (Candidiasis) क्या है ?

व्हाइट फंगस क्या है ?

अब तक कोरोना वायरस की वजह से ब्लैक फंगस (mucormycosis) से जूझ रहे लोगों के लिए एक नई मुसीबत व्हाइट फंगस (Candidiasis) ने दस्तक देके हड़कंप मचा दिया, ब्लैक फंगस से ये बीमारी ज्यादा घातक मानी जा रही है। व्हाइट फंगस (Candidiasis) फेफड़ों के संक्रमण का मुख्य कारण है और ये फेफड़ों के अलावा, ब्रेन, मुंह के अंदरूनी भाग,आमाशय और आंत, किडनी, स्किन, नाखून और गुप्तांग आदि को भी संक्रमित करता है।

व्हाइट फंगस के लक्षण 

व्हाइट फंगस के लक्षण कोरोना जैसेहोते हैं  HRCT में फेफड़ों के संक्रमण के लक्षण कोरोना जैसे ही दिखते हैं, तो इन दोनों में अंतर करना मुश्किल हो जाता है कि कोरोना है या व्हाइट फंगस। क्योंकि ऐसे मरीजों का रैपिड एंटीजन और आरटी-पीसीआर ( RT-PCR ) टेस्ट निगेटिव आता है। डॉक्टरों के मुताबिक़ अगर सीटी स्कैन में कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे हैं तो बलगम का कल्चर कराने से व्हाइट फंगस की पहचान की जा सकती है।

न्हें है ज्यादा खतरा

व्हाइट फंगस की चपेट में ऑक्सीजन सपोर्ट वाले कोरोना मरीज आ रहे हैं,  जो उनके फेफड़ों को संक्रमित कर सकता है। व्हाइट फंगस भी कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वालो को अपनी चपेट में ले रहा है । इसके अलावा डायबिटीज, एंटीबायोटिक का सेवन या काफी समय तक स्टेरॉयड लेने वालो मरीजों को यह फंगस  अपनी चपेट में ले रहा है। कैंसर के मरीजों को भी इससे सावधान रहने की जरूरत है। नवजातों में यह बीमारी डायपर कैंडिडोसिस के रूप में होती है, जिसमें क्रीम कलर के सफेद धब्बे दिखते हैं। 

व्हाइट फंगस से बचाव

इस फंगस से मरीजों को बचाने के लिए सुनिश्चित करना होगाऑक्सीजन सिलेंडर ह्यूमिडिफायर के लिए स्ट्रेलाइज वॉटर का इस्तेमाल हो और बीमार व्यक्ति जो ऑक्सीजन ले रहा है, वह विषाणुमुक्त हो।