वास्तु के अनुसार पढ़ाई का कमरा, बुद्धि बढ़ाता है पश्चिम का अध्ययन कक्ष

वास्तु के अनुसार पढ़ाई का कमरा (Vastu ke anusar padhai ka kamra): वैसे तो बिना कर्म के फल प्राप्त नहीं होता, लेकिन यदि अच्छे कर्म के पश्चात भी हमें परिणाम अनुकूल नहीं मिलता, तो निराशा स्वाभाविक है। अगर घर में वास्तु दोष हो, तो इस तरह की समस्याएं आती रहती हैं। चाहे वह बच्चों के पढ़ने वाला अध्ययन कक्ष ही क्यों ना हो – तो आईये जाने आखिर बच्चों को किस दिशा में बैठकर पढ़ना चाहिए?

वास्तु के अनुसार पढ़ाई का कमरा (Vastu ke anusar padhai ka kamra)

वास्तु के अनुसार पढ़ाई का कमरा
Vastu ke anusar padhai ka kamra)

स्टडी रूम कैसा होना चाहिए

अध्ययन कक्ष भवन के पश्चिम-मध्य क्षेत्र में बनाना अतिलाभप्रद है। इस दिशा में बुध, गुरु, चंद्र एवं शुक्र चार ग्रहों से उत्तम प्रभाव प्राप्त होता है। इस दिशा के कक्ष में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को बुध ग्रह से बुद्धि वृद्धि, गुरु ग्रह से महत्वाकांक्षा एवं जिज्ञासु, चंद्र ग्रह से नवीन विचारों की वृद्धि और शुक्र ग्रह से प्रतिभा, लेखन कला में निपुणता और धन वृद्धि होती है। 

पढ़ाई के लिए सही दिशा

अध्ययन कक्ष में विद्यार्थी की टेबल पूर्व-उत्तर ईशान या पश्चिम में रहना चाहिए। दक्षिण आग्नेय व नैऋत्य या उत्तर- वायव्य में नहीं होना चाहिए। 

अध्ययन कक्ष में खिड़की या रोशनदान पूर्व-उत्तर या पश्चिम में होना श्रेष्ठ होता है। 

स्टडी रूम कलर

अध्ययन कक्ष का रंग संयोजन सफेद, बादामी, फीका, आसमानी या हल्का फिरोजी रंग दीवारों पर और टेबल-फर्नीचर पर श्रेष्ठ है। काला, लाल, गहरा नीला रंग कमरे में नहीं होना चाहिए। 

वास्तु के अनुसार पढ़ाई का कमरा

  • अध्ययन कक्ष का प्रवेश द्वार पूर्व उत्तर-मध्य या पश्चिम में रहना चाहिए। दक्षिण आग्नेय व नैऋत्य या उत्तर वायव्य में नहीं होना चाहिए। 
  • स्टडी रूम में अभ्यास पुस्तकें रखने की रेक एवं टेबल उत्तर दिशा की दीवार से लगी होना चाहिए। 
  • अध्ययन कक्ष में पेयजल, मंदिर, घड़ी उत्तर या पूर्व दिशा में रखना चाहिए। 
  • अध्ययन कक्ष में आदर्शवादी चित्र, सरस्वती माता एवं गुरुजनों के चित्र लगाना चाहिए। युद्ध, लड़ाई-झगड़े, हिंसक पशु-पक्षियों के चित्र वह मूर्तियां नहीं रखना चाहिए। 
  • स्टडी रूम को अन्य कक्षों के जमीन तल से ऊंचा या नीचा नहीं रखें। तल का ढाल पूर्व या उत्तर की ओर रखा जाए। 
  • अध्ययन कक्ष में जूते-चप्पल, मोजे पहनकर प्रवेश नहीं करना चाहिए। 
  • स्टडी टेबल हमेशा आयताकार होना चाहिए, गोलाकार या अंडाकार नहीं होने चाहिए। 
  • अध्ययन कक्ष में टीवी, मैगजीन, अश्लील साहित्य व सीडी प्लेयर एवं वीडियो गेम, रद्दी अखबार, अनुपयोगी सामान एवं भारी वस्तुएं न रखें। 
  • कंप्यूटर टेबल पूर्व मध्य या उत्तर मध्य में रखें। ईशान में नहीं रखें। 
  • टेबल पर अध्ययन करते समय विषय से संबंधित पुस्तकें व आवश्यक इंस्ट्रूमेंट ही रखें। 

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