शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाने का महत्व, शिवलिंग पर मीठा दूध चढ़ाने से क्या फल मिलता है ?

शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाने का महत्व (Shivling Par Gangajal Chadane Ka Mahatva), सावन के महीने का हिंदू धर्म में काफी महत्व होता है। यह महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। सावन माह में सोमवार के दिन का खास महत्व होता है। इस समय में भगवान शिव का पूजन विशेष फलदायी होता है। सावन के सोमवार को की गई पूजा, व्रत, उपाय अतिशीघ्र फल प्रदान करने वाले कहे गए हैं।

शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाने का महत्व (Shivling Par Gangajal Chadane Ka Mahatva)

शिवलिंग पर गंगा जल चढ़ाने का महत्व (Shivling Par Gangajal Chadane Ka Mahatva)

– शिव को गंगाजल चढ़ाने से भोग व मोक्ष दोनों की प्राप्ति होती है।

– तेज दिमाग के लिए शक्कर मिला हुआ दूध भगवान शिव पर चढ़ाया जाता है।

– मधु(शहद) की धारा शिव पर चढ़ाने से राजयक्ष्मा(टीबी) रोग दूर हो जाता है।

– भगवान शिव पर ईख (गन्ना) के रस की धारा चढ़ाई जाए तो सभी आनन्दों की प्राप्ति होती है।

– सुगंधित तेल से भगवान शिव का अभिषेक करने पर घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

-पूरे सावन माह में पति-पत्नी एक साथ में भगवान शिव पर पंचामृत का अभिषेक करने से दांपत्य जीवन की समस्याएं धीरे- धीरे समाप्त हो जाती है। 

– शादीशुदा जोड़ा सावन के सभी सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती को अगर चावल की खीर चढ़ाएं तो इससे जीवन की सभी परेशानियां का अंत हो जाता है।  

-धन संबंधित समस्याएं अगर लगातार बनी रहती है, तो सावन के सभी सोमवार को अनार के जूस से भगवान शिव का अभिषेक करें।  ऐसा करने से आर्थिक समस्याओं का अंत हो जायेगा। 

– नपुंसक व्यक्ति अगर घी से भगवान शिव का अभिषेक करे व ब्राह्मणों को भोजन कराए तथा सोमवार का व्रत करे तो उसकी समस्या का निदान हो जाता है।

– ज्वर(बुखार) से पीडि़त होने पर भगवान शिव को जल चढ़ाने से तुरंत लाभ मिलता है। सुख व संतान की वृद्धि के लिए भी जल द्वारा शिव की पूजा उत्तम बताई गई है।

शनि दशा के बुरे प्रभाव से मुक्ति हेतु

-शनिवार के दिन भगवान शिव को शिव षड़ाक्षरी मंत्र ऊँ नम: शिवाय बोलते हुए जल से अभिषेक कर गंध, अक्षत, फूल चढ़ाएं। साथ ही खासतौर पर  काले तिल अर्पित करें। शिव को सफेद मिठाई का भोग लगाकर घी के दीप से आरती कर शनि दशा के बुरे प्रभाव से मुक्ति की कामना करें।  

– इसी तरह दूसरा उपाय है कि ऊपर बताए तरीके से ही शिव पूजा में शिव मंत्र बोलकर 108 आंकडे के फूल हर रोज अर्पित करें। खासतौर पर शनिवार और सोमवार का दिन न चूकें। 

शनि दोष शांति के ये उपाय न केवल कलह और विवाद से दूर रखते हैं, बल्कि मानसिक सुख-शांति और सफलता की बाधाओं को दूर करने वाले भी हैं।

Q. 1 – शिवलिंग पर पानी टपकाने वाला घड़ा का नाम

Ans. अभिषेक कलश है।

Q. 2 – शिवलिंग पर पानी टपकने वाले घड़ा को क्या कहते हैं?

Ans. शिवलिंग पर पानी टपकने वाले घड़ा को अभिषेक कलश कहते हैं।

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