पीपल के पेड़ के फायदे, जिसके स्पर्श से कट जाते हैं पाप

पीपल के पेड़ के फायदे (Peepal ke ped ke fayde): पीपल न केवल पूजनीय वृक्ष है, बल्कि इसके तने, खाल (छाल), पत्ते तथा बीज आयुर्वेद की अनुपम देन भी हैं। इस अजर-अमर बूटी का सेवन करने से वात, कफ और पित्त रोग नष्ट होते हैं। इसके अलावा और भी कई लाभ हैं –

(Peepal ke ped ke fayde) पीपल के पेड़ के फायदे

पीपल के पेड़ के फायदे
पीपल के पेड़ के फायदे (Peepal ke ped ke fayde)

यह वृक्ष हमारी आस्था का प्रतीक और पूजनीय है। पुराणों में पीपल के वृक्ष के महत्व का विस्तार से वर्णन किया गया है। न सिर्फ धार्मिक बल्कि औषधीय गुणों के कारण भी पीपल का विशेष महत्व है। 

भारतीय ग्रंथों में यज्ञों में संविदा के निमित्त पीपल, बरगद, गूलर और पाकर वृक्षों के काष्ठ को पवित्र माना गया है। और कहा गया है यह चारों वृक्ष सूर्य की रश्मियों के घर हैं। इनमें पीपल को सबसे पवित्र माना जाता है। 

इसकी सर्वाधिक पूजा होती है क्योंकि इसके जड़ से लेकर पत्र तक में अनेक औषधीय गुण हैं। पीपल की लकड़ियां, पत्तियों में डंठल, हरे पत्ते एवं सूखी पत्तियां, सभी गुणकारी हैं और उनका उपयोग रोगों के निवारण के हेतु किया जाता है –

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पीपल का उपयोग 

पीलिया रोग ठीक करने में 

इस रोग में रोगी को पीपल की नर्म टहनी (जो की पेंसिल जैसी पतली हो) के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर माला बना लें। यह माला पीलिया रोग के रोगी को एक सप्ताह धारण करवाने से पीलिया नष्ट हो जाता है। 

रतौंधी में उपयोगी 

बहुत से लोगों को रात में दिखाई नहीं पड़ता। शाम शुरू होते ही आंखों की रोशनी कम होने लगती है। आंखों के आगे अंधेरा-सा छा जाता है। इसके लिए आयुर्वेद में पीपल को कारगर माना गया है। 

पीपल की लकड़ी का एक टुकड़ा लेकर गोमूत्र के साथ उसे शीला पर पिसें। इसका अंजन दो-चार दिन आंखों में लगाने से रतौंधी में लाभ होता है। 

मलेरिया में लाभदायक 

पीपल के टहनी का दातुन कई दिनों तक करने से तथा उसको चूसने से मलेरिया बुखार उतर जाता है। 

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पीपल के पत्ते के फायदे

1 – कान दर्द 

पीपल की ताजी हरी पत्तियों को निचोड़कर उसका रस कान में डालने से कान दर्द दूर होता है। कुछ समय तक इसके नियमित सेवन से कान का बहरापन भी दूर होता है। 

2 – खांसी और दमा 

पीपल के सूख पत्ते को कूटकर बारीक पाउडर बना लें। फिर इसे सूती कपड़े से अच्छी तरह छान लें। लगभग 5 ग्राम चूर्ण को दो चम्मच मधु मिलाकर एक महीना सुबह चाटने से दमा और खांसी में लाभ होता है। 

3 – सर्दी और सिरदर्द 

सर्दी के सिरदर्द के लिए सिर्फ पीपल की 2- 4 कोमल पत्तियों को चूसें। दो-तीन बार ऐसा करने से सर्दी जुकाम में लाभ होना संभव है। 

नोट : किसी भी रोग में पीपल के उपयोग से पूर्व किसी आयुर्वेदाचार्य या विशेषज्ञ से सलाह के बाद ही इसका उपयोग करें। खुद से उपाय करना सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकता है। 

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पीपल की पूजा के फायदे

  • महामुनी व्यास के अनुसार प्रातः स्नान के बाद पीपल का स्पर्श करने से व्यक्ति के समस्त पाप भस्म हो जाते हैं तथा लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। उसकी प्रदक्षिणा करने से आयु में वृद्धि होती है, अश्वत्थ वृक्ष को दूध, नैवेद्य, धूप-दीप, फल-फूल अर्पित करने से मनुष्य को समस्त सुख वैभव की प्राप्ति होती है। 
  • यों तो भारतीय ग्रंथों में एवं उपनिषदों में ऐसे बहुत से वृक्ष हैं, जो पवित्र और पूजनीय माने जाते हैं। भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अश्वत्थ:सर्ववृक्षाणां कह कर पीपल को अपना स्वरूप बताया है। 
  • तंत्र मंत्र की दुनिया में पीपल का बहुत महत्व है। इसे इच्छापूर्ति धनागमन संतान प्राप्ति हेतु तांत्रिक यंत्र के रूप में भी इसका प्रयोग होता है। सहस्त्रवार चक्र जाग्रत करने हेतु भी पीपल का महत्व अक्षुण्ण है। 
  • पीपल की जड़ के निकट बैठकर जो लोग जप, दान, होम, स्त्रोत पाठ और अनुष्ठान करते हैं, उनको उसका अक्षय फल प्राप्त होता है। 
  • श्री विष्णु पीपल की जड़ में, मध्य में शिव-शंकर तथा अग्र भाग में ब्रह्मा स्थित होते हैं। अतः पीपल वृक्ष को प्रणाम मात्र से ही समस्त देवता प्रसन्न हो जाते हैं। 
  • पीपल के पेड़ के नीचे किया गया दान अक्षय हो कर जन्म-जन्मांतर तक फलदायी होता है। जिस प्रकार संसार में गौ, ब्राह्मण और देवता पूजनीय है, उसी प्रकार पीपल भी पूजा के योग्य है। 
  • पीपल को रोपने से धन, रक्षा करने से पुत्र, स्पर्श करने से स्वर्ग एवं पूजने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। जो व्यक्ति पीपल को काटता या उसे हानि पहुंचता है उसे एक काल तक नर्क भोगकर चांडाल की योनि में जन्म लेना पड़ता है।

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