घर बनाने का उपाय, पूरा होगा मकान का सपना

घर बनाने का उपाय (Ghar banane ke upay): लाख कोशिशों के बाद भी किराए के मकान में ही जिंदगी बसर करनी पड़ती है। कभी मकान पसंद आता है, तो कभी पैसे कम पड़ जाते हैं। और आप सोचते रह जाते है की आखिर मेरा घर कब बनेगा? ये सब सितारों और ग्रहों के कारण भी हो सकता है। ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय हैं, जो आपकी इस समस्या को हल कर सकते हैं –

घर बनाने का उपाय (Khud ka ghar banane ke upay)

घर बनाने का उपाय
Khud ka ghar banane ke upay

पवन तनय बल पवन समाना बुद्धि विवेक विज्ञान विधाना।। यह रामायण का मानस मंत्र है। इसे मन में जाप करें। आहुति देते हुए इस मंत्र को 108 बार बोलना है। इसे किसी शुभ दिन से शुरू करें। 

सोम, गुरु या रवि पुष्य या त्यौहार के दिन, ऊनी लाल आसन पर दक्षिण दिशा में मुंह करके बैठें। प्रयोग रात्रि के समय करें। तर्जनी से आसन के चारों तरफ लकीर खींच दें, अपनी रक्षा के लिए। इससे गृह क्लेश समाप्त हो जाता है। 

यह भी पढ़े – पीपल के पेड़ के फायदे, जिसके स्पर्श से कट जाते हैं पाप

पूरा होगा मकान का सपना

रोटी, कपड़ा और मकान जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। पेट में अन्न , तन पर वस्त्र और सिर पर छत की ख्वाहिश तो हर किसी को होती है। इस तरह सपनों का आशियाना के लिए कोशिश तो सभी करते हैं, लेकिन अरमान बहुत से लोगों का अधूरा ही रह जाता है। 

लाख कोशिशों के बाद भी किराए के मकान में ही जिंदगी बसर करनी पड़ती है। कभी मकान पसंद नहीं आता तो कभी पैसे कम पड़ जाते हैं। परंतु ऐसे में आपको निराश होने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। 

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, ये सब सितारों और ग्रहों के कारण भी हो सकता है। लेकिन इसके निवारण के लिए ज्योतिष शास्त्र में उपाय भी दिए गए हैं। इन्हें अपना कर आप अपने घर के सपनों को पूरा कर सकते हैं। 

यदि आप अपना घर बनवाने जा रहे हैं, तो अपनी जन्म कुंडली अवश्य देखें। आपकी कुंडली के दसवें घर में केतु हो, तो निर्माण से पहले केतु का दान करें। शांति के लिए उपाय करें। इससे घर के निर्माण में कोई समस्या नहीं आएगी और आप वहां पर सुखी भी रहेंगे। 

घर बनाने का उपाय

  • भवन निर्माण से पहले अपने कारीगरों को कुछ मीठा अवश्य खिलाएं। इस उपाय से भी आप अपने घर में सदैव सुखी रहेंगे। 
  • यदि आपकी जन्मकुंडली के 11 वें घर में शनि हो, तो निर्माण से पहले मुख्य द्वार की चौखट के नीचे चंदन अवश्य दवा दें। 
  • शनि जन्मकुंडली के छठे भाव में हो, तो निर्माण से पहले भूमि पर हवन तथा वास्तु पूजन अवश्य करवाएं। 
  • जन्म कुंडली में शनि की अशुभ स्थिति हो, तो भवन निर्माण से पहले गोदान अवश्य करें। 
  • शनि जन्मकुंडली के चतुर्थ भाव में हो, तो पैतृक भूमि अथवा मकान पर निर्माण नहीं करवाना चाहिए। 
  • भवन की नींव भरते समय शहद का एक पात्र, नाग-नागिन का जोड़ा, चांदी की  पादुकाएं तथा अभिमंत्रित श्रीयंत्र अवश्य रखने चाहिए। इससे आप अपने निवास में सदैव समृद्धि की ओर अग्रसर रहेंगे। 

यह भी पढ़े – जीवन रेखा के प्रकार, जीवन रेखा से जाने अपना स्वभाव

Leave a Reply

Your email address will not be published.