इलेक्ट्रिक कार का भविष्य, रफ़्तार किंग 9 सेकंड में 100 किमी की रफ़्तार  

इलेक्ट्रिक कार का भविष्य कैसा है, ये तो आने वाला वक़्त ही बतायेगा, परन्तु परीक्षण का जो परिणाम नज़र आ रहा है उसे देख कर तो यही कहा जा सकता है कि इन कारो का भविष्य बहुत ही सुनहरा है।

इलेक्ट्रिक कार का भविष्य (electric car ka bhavishya)

electric car ka bhavishya
इलेक्ट्रिक कार का भविष्य (electric car ka bhavishya)

आइए जानते हैं की अब जो समय कारों का आ रहा है वह ग्रीन कारों का है यानी इलेक्ट्रिक कारों (Electric Cars) का है इसके पीछे वजह यह है कि इनसे यात्रा का कम ख़र्चीला होना और पेट्रोल कार की तुलना में इलेक्ट्रिक कार के रखरखाव (Electric Car Maintenance) में आने वाले खर्चे लगभग 70 फ़ीसदी कम हो जाते हैं।

दूसरी ओर सरकार भी अब पूरी तैयारी में है कि 2047 तक यह तेजी 100 फ़ीसदी की हो जाए, यही वजह है कि देश विदेश की जो ऑटोमोबाइल कंपनियां है वह भारत में इलेक्ट्रिकल व्हीकल लांचिंग पर ज्यादा जोर दे रही है, और हो सके तो इस साल के अंत तक प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों के लांच होने का दौर शुरू हो जाये, और इनकी कीमत 8:50 लाख से लेकर 1 करोड़ तक हो सकती है।

अब लोग तेल की रोजाना बढ़ती कीमतों से बहुत ज्यादा परेशान है, जिससे लोगों का रुझान इलेक्ट्रिक कारों की तरफ बड़ा है, और इन कारों के खरीदने के पीछे का कारण भी यही है कि प्रति किलोमीटर हमें बस ₹1 खर्च करके यात्रा करने का लाभ मिल रहा है, जोकि पेट्रोल कारो की तुलना में लगभग 70 फ़ीसदी कम है, इलेक्ट्रिक कार  से यात्रा कम ख़र्चीला होना ही इन्हें आकर्षक बनाता है।

बैटरी का ही इलेक्ट्रिक कारों में मुख्य खर्चा होता है, जो की 5 सालो के अन्तराल पर बदलना होता है।

इलेक्ट्रिक कार कार्बन डाइऑक्साइड तो कुछ छोड़ती ही नहीं जिससे वायु प्रदूषण घटेगा। डीजल पेट्रोल की खपत भी कम होगी जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी होगी।

इलेक्ट्रिक कार की बड़ी कीमत का रोड़ा लिथियम आयन बैटरी है क्योंकि इलेक्ट्रिक कार में लिथियम आयन बैटरी का प्रयोग होता है इसमें लिथियम,निकिल, कोबाल्ट व मैगनीज धातु होती है जिसको आयात करना होता है और इसकी कम उपलब्धता ही बैटरी की कीमत में बढ़ोतरी का कारण है।  

इलेक्ट्रिक कार की कुछ चुनौतियां हैं जिसमें सुधार होना बाकी है ।

  • इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने में 5 से 8 घंटे लगते हैं
  • इलेक्ट्रिक कार में बैटरी की खपत अधिक है
  • एक निश्चित समय पर बैटरी बदलना आवश्यक हो जाता है 
  • एक बार चार्जिंग से सीमित दूरी ही तय की जा सकती है