DRDO की 2-डीजी दवा, Anti-Covid Drug 2-DG

DRDO की 2-डीजी दवा

DRDO (भारतीय वैज्ञानिकों) द्वारा तैयार 2-डीजी दवा आज के वक्त में कोरोना वायरस से लड़ने के लिए बहुत कारगर साबित हो सकती है। जिसे भारत के औषधि महानियंत्रक डीसीजीआई(DCGI) ने इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है दावा किया जा रहा है कि यह दवा बेहद कारगर साबित हो सकती है क्योंकि क्लीनिकल टेस्ट में सामने आया है कि 2-डीजी  दवा अस्पताल में भर्ती मरीजों के जल्द ठीक होने में मदद करने के साथ-साथ ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम करती है ऐसी उम्मीद की जा रही है ये दवा कुछ हफ्तों बाद मार्केट में मिलनी शुरू हो जाएगी।

मंत्रालय के मुताबिक यह दवा पाउडर के रूप में आती है और इसे पानी में आसानी से मिक्स करके मरीज को दिया जा सकता है मंत्रालय के मुताबिक 2- डीजी एक जेनेरिक मॉलिक्यूल है जो ग्लूकोज़ से मिलता जुलता है इसलिए इसका उत्पादन आसान होगा और देश में बड़े पैमाने पर इसकी उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। 

अभी कोरोना की दूसरी लहर चल रही है जिसकी वजह से बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ रही है जिनको सांस लेने में तकलीफ़ ऑक्सीजन की कमी के कारण हो रही है, इस दवा से कीमती जिंदगीयों को बचाने की उम्मीद बंधी है क्योंकि यह दवा संक्रमित कोशिकाओं पर काम करती है एक कोरोना मरीजों के अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम कर रही है DRDO की 2-डीजी दवा वायरस से संक्रमित कोशिका में जमा हो जाती है और वायरस को बढ़ने से रोकती है वायरस से संक्रमित कोशिकाओं पर बहुत ही यूनिक तरीके से काम करती है जो कि इस दवा का खास पहलू है।

इस दवा से इलाज करा रहे मरीजों के स्वस्थ होने की प्रतिशतता बहुत अच्छी रही अस्पताल में भर्ती मरीज जल्दी ठीक हो रहे हैं और उनकी अतिरिक्त ऑक्सीजन पर निर्भरता भी कम हुई 2-DG से इलाज कराने वाले अधिकतर मरीजों की आरटी – पीसीआर जांच रिपोर्ट नेगेटिव रही।

इस दवा को लेकर जो भी ट्रायल हुए उसके नतीजे बहुत ही उत्साहजनक रहे 2-DG दवा से कोरोना लक्षण वाले मरीजों में अच्छा सुधार हुआ और तीसरे दिन से ही एसओसी के मुकाबले इस दवा से ऑक्सीजन निर्भरता पूरी तरह से खत्म हो गई इसी तरह का सुधार 65 साल से अधिक उम्र के मरीजों में भी देखने को मिला।

Que 1. (2-DG) दवा का फुल फॉर्म क्या हैं ?

Ans. 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज हैं।

Q 2. डीआरडीओ का फुल फॉर्म क्या हैं ?

Ans. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन