ब्राह्मी के फायदे, दिमाग तेज करने की आयुर्वेदिक दवा

ब्राह्मी के फायदे (Brahmi Ke Fayde), दिमाग तेज करने की आयुर्वेदिक दवा
तेज दिमाग और हेल्दी बॉडी दोनों के लिए ये दवा है कमाल की।

ब्राह्मी के फायदे (Brahmi Ke Fayde)

ब्राह्मी के फायदे (Brahmi Ke Fayde),

ब्राह्मी बूटी

ब्राह्मी एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसे आयुर्वेद में बहुत उपयोगी माना गया है। ब्राह्मी तराई वाले स्थानों पर उगती है। बुद्धि तथा उम्र को बढ़ाती है। यह रसायन के समान होती है। ब्राह्मी में एल्केलाइड तथा सेपोनिन नामक दो मुख्य: जैव सक्रिय पदार्थ पाए जाते हैं। इसमें पाए जाने वाले दो मुख्य एल्केलाइड हैं ब्राह्मीन तथा हरपेस्टिन जबकि बेकोसाइड ए तथा बी मुख्य सेपोनिन हैं। 

ब्राह्मी के गुण

गुणों की दृष्टि से ब्राह्मी में पाए जाने वाले एल्केलाइड स्ट्रिकनीन के समान हैं परन्तु यह उसकी तरह विषाक्त नहीं होती।  ब्राह्मी में बोटूलिक अम्ल, स्टिग्मा स्टेनॉल, बीटा-साइटोस्टीरॉल तथा टेनिन आदि भी पाए जाते हैं। हरे पत्तों में प्राय: एल्केलाइड तथा उड़नशील तेल पाए जाते हैं जबकि सूखे पौधों में सेण्टोइक एसिड तथा सेण्टेलिंक एसिड भी पाए जाते हैं। बुखार को खत्म करती है। याददाश्त को बढ़ाती है।

ब्राह्मी का उपयोग

सफेद दाग, पीलिया, प्रमेह और खून की खराबी को दूर करती है। खांसी, पित्त और सूजन को रोकती है। बैठे हुए गले को साफ  करती है। ब्राह्मी का उपयोग दिल के लिए लाभदायक होता है। यह मानसिक पागलपन को दूर करता है। सही मात्रा के अनुसार इसका सेवन करने से निर्बुद्ध, त्रिकालदर्शी यानी भूत, भविष्य और वर्तमान सब दिखाई देने लगते हैं। ब्राह्मी घृत, ब्राही रसायन, ब्राही पाक, ब्राह्मी तेल, सारस्वतारिष्ट, सारस्वत चूर्ण आदि के रूप में प्रयोग किया जाता हैं।

कमजोर स्मरण शक्ति में ब्राह्मी का रस या चूर्ण पानी के साथ रोगी को दिया जाना चाहिए। ब्राह्मी के तेल की मालिश से कमजोर मस्तिष्क मजबूत हो जाता है तथा बुद्धि बढ़ती है।

हिस्टीरिया जैसे रोगों में यह तुरन्त प्रभावी होती है जिससे सभी लक्षण तुरन्त नष्ट हो जाते हैं। चिन्ता तथा तनाव में ठंडाई के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त किसी बीमार या अन्य बीमारी के कारण आई निर्बलता के निवारण के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। कुष्ठ और चर्म रोगों में भी यह उपयोगी है। खांसी तथा गला बैठने पर इसके रस का सेवन काली मिर्च तथा शहद के साथ करना चाहिए।

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